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नर्मदा परिधि क्षेत्र में वन विभाग के आदेशों के खिलाफ आदिवासी समाज में उबाल —

माथवाड़ में बड़ी बैठक आयोजित, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

मनीष अरोड़ा की रिपोर्ट

आलीराजपुर:- वन विभाग द्वारा नर्मदा परिधि के अंतर्गत 5-5 किलोमीटर की परिधि में अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश जारी किए जाने के बाद से पूरे अलीराजपुर ज़िले के आदिवासी अंचलों में गहरा आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।लोगों का कहना है कि ये आदेश सीधे-सीधे आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर कब्ज़ा करने की साज़िश हैं।इसी मुद्दे को लेकर आज माथवाड़ गाँव में आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल की अगुवाई में एक बड़ी जनसभा एवं बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएँ और परिषद पदाधिकारी शामिल हुए।
गांव में पहुँचने पर महेश पटेल का पारंपरिक तरीके से ढोल-मांदल की थाप और फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया।महिलाओं ने अपने पारंपरिक आदिवासी भाषा में गीत गाकर सरकार और वन विभाग के खिलाफ विरोध जताया, जिससे पूरा वातावरण जनशक्ति और एकजुटता के जोश से गूंज उठा।गांव-गांव से आए बुजुर्गों और युवाओं ने भी एक स्वर में कहा कि अब वे अपनी ज़मीन और जंगल की रक्षा के लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं।बैठक को संबोधित करते हुए महेश पटेल ने कहा वन विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 21/08/2025, 28/08/2025, 24/10/2025 एवं 07/11/2025 (पत्र क्रमांक एफडी/एफआर-3/2025/322) —
आदिवासी समाज के जीवन, संस्कृति और आजीविका पर सीधा हमला हैं।
यह संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

हमारी स्पष्ट मांग है कि इन सभी आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए, अन्यथा आगामी दिनों में आदिवासी विकास परिषद पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।”उन्होंने आगे कहा कि यह आंदोलन केवल एक आदेश के खिलाफ नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई है।

अगर सरकार ने अब भी जनता की आवाज़ नहीं सुनी, तो आदिवासी समाज शांत नहीं बैठेगा —
“हम अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर बलिदान देने को तैयार हैं।”बैठक के दौरान ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि आने वाले दिनों में हर गांव में ऐसी सभाएँ आयोजित की जाएंगी, ताकि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।सभा के अंत में परिषद पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में नारा लगाया“जल, जंगल, जमीन और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा!”

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