टांडा नगर तपस्वियों के कठोर तप से बन रही है तपो भूमि 30 अगस्त को होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजन।

यश राठौड़
टांडा (धार)मध्य प्रदेश के धार जिले के छोटे से नगर टांडा में तप आराधना बड़े पैमाने पर हो रही है तपस्या करने वाले तपस्वियों की संख्या बहुत बड़ी है यह समाज के बच्चे महिलाएं पुरुष सभी वर्ग अलग-अलग तप आराधना करते हुए दिखाई दे रहे हैं तपस्वियों की कठोर तपस्या के कारण टांडा नगर की भुमि तपोभूमि बन रही है
तप आराधना का आदिकाल से बड़ा महत्व है यहां कई तपस्वियों ने तपस्या करके भगवान से कई वरदान प्राप्त कीए है इसी बात को ध्यान में रखते हुए चातुर्मास हेतु विराजित साध्वी भगवन्त तत्वलता श्री जी आदि ठाना कि निश्रा में तपस्वी तप कर रहे है*

आपको बता दे नगर में कोई सिद्धि तप /कोई आईमिल की तपस्या के साथ साथ वर्षी तप की भी तपस्या बड़ी संख्या में हो रही है सिद्धि तप की आराधना पूर्ण होने पर नगर में 28 अगस्त से 30 अगस्त तक एक भव्य आयोजन श्री संघ टांडा के द्वारा किया जाएगा जिसकी तैयारियां प्रारंभ हो गई है पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है इस आयोजन में मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारतवर्ष से समाज बंधु उपस्थित होकर आयोजन के साक्षी बने




