नगर में भक्ति व उल्लास के साथ मनाई गई गणेश चतुर्थी

प्राचीन श्री सिद्धिविनायक मंदिर में छप्पन भोग और 11 किलो लड्डू का महाभोग
51 जोड़ो की सामूहिक महाआरती ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश
नालछा :- नगर में विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता, प्रथम पूज्य श्री सिद्धिविनायक गणेशजी महाराज की पूजा-अर्चना का पावन पर्व गणेश चतुर्थी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
नगर के मध्य स्थित अति प्राचीन श्री गणेश मंदिर (सब्जी मंडी) में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गणेशजी का पूजन-अर्चन कर छप्पन भोग एवं 11 किलो मोतीचूर लड्डू का भोग अर्पित किया।
इस पावन अवसर पर नगर के विभिन्न समाज वर्गों के 51 जोड़ो ने सामूहिक महाआरती संपन्न की। आरती के दौरान पूरा वातावरण गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा। इस आयोजन ने सामाजिक समरसता, एकता और भक्ति का अनुपम संदेश दिया।
*सामाजिक समरसता का संदेश*
इस वर्ष गणेश चतुर्थी महोत्सव का सबसे विशेष एवं प्रेरणादायी पक्ष रहा कि नगर के विभिन्न समाज वर्गों से आए 51 जोड़ो ने सामूहिक रूप से महाआरती संपन्न की। इनमें व्यापारी, किसान, मजदूर, सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग, महिला वर्ग एवं युवा वर्ग सभी शामिल रहे।

सभी समाज वर्गों के लोग एक साथ एक ही पंक्ति में खड़े होकर आरती में शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि भगवान की भक्ति के समक्ष जाति, वर्ग, ऊँच-नीच का कोई भेद नहीं है।
यह अद्भुत दृश्य नगरवासियों के लिए प्रेरणादायी रहा, जिसने न केवल धार्मिक आस्था और भक्ति को उजागर किया, बल्कि समाज में एकता, और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। जो कि हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोता है।
*भक्तों ने मंगलकामना की*
गणेश चतुर्थी का यह पावन पर्व सभी के जीवन से विघ्नों का नाश कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन का मार्ग प्रशस्त करे।




